सकंल्प शक्ति ही मनुष्य को विकास की राह दिखाती, 
               सकंल्पो से ही मन  की सौ चाहे पूरी होती, 
सकंल्पो से ही जीवन की दूर  होती हर बाधा, 
सकंल्पो से ही मनुष्यों ने हर संकट मे हित साधा, 
            सकंल्प हृदय मे जैसे ही होता, 
मानव की उन्नतीत का बीज यही है बोता, 
मन सबका हित  सोचे शुभ सकंल्पो वाला, 
दुर हो अंधकार सबकों मिले उजाला, 
   दृढ़ संकल्प वाले गिर कर भी चल देते, 
मंजिल को पाने से पहले वो सांसें भी थाम लेते, 
हर जन के मन मे कल के सपने पलते, 
जो दृढ़  सकंल्प से करते मेहनत सपने  उनके ही फलते ll