परिवार की मंगल कामनाओं से होती हैं सुहागलें। 
सुख और खुशियों की बारिश होती हैं सुहागलें।। 
नये संबंधों में  मिठास भरती हैं सुहागलें।
परंपराओं को  बढ़ाती सँवारती हैं  सुहागलें।।
नवब्याहता को परिवार से जोड़ती हैं सुहागलें। 
सुहाग को हर मुश्किल से बचाती हैं  सुहागिलें।। 
घर परिवार समाज को एक सूत्र में बाँधती हैं सुहागिलें। 
सबकी मनोकामना पूरी करती हैं सुहागलें।। 
स्वरचित मौलिक अप्रकाशित सर्वाधिकार सुरक्षित डॉ आशा श्रीवास्तव जबलपुर