बाल मजदूरी पाप है कह के नियम बना दिया l

बाल मजदूरी बच्चों के लिए मजबूरी है, 
           पैसे कमाना जरूरी है, 
छोटी सी उम्र में ही कंधों पर हो जाता है बोझ, 
किताबों की जगह मिल जाती है रद्दीया, 
पेट भरना है जरूरी चैन की नींद का  पता नहीं, 
बाल मजदूरी पाप है कह के नियम बना दिया। 
पढने की उम्र में काम पे लगा दिया, 
वो कैसी मजबूरी है जो नन्हे हाथो को पान बनाना सिखा दिया, 
    अपनी उम्र से ज्यादा बोझ दे दिया, 
रात को बुनने के लिए गलिचा दे दिया, 
सुबह उठ कर झूठी प्लेटें धोने को दे दिया, 
बाल मजदूरी पाप है कह के नियम बना दिया l
दिल उसका कितना रोता होगा, 
जब उसे चाय की केतलीया एक दुकान से दुसरी दुकान, 
          पर ले जाने को दिया होगा , 
रोटी को देखकर जहर की पुड़िया लिया होगा, 
हमें देश का भविष्य अब बनाना होगा , 
      और जड़ से इसे मिटाना होगा l