अचनक से ये दिल जोरो से धड़क गया
आंख बंद किया उनका चेहरा नज़र आया
शरमा कर जो हाथ रखी अपने दिल पे
धड़क कर दिल ने कहाँ हाँ तुम्हे भी प्यार होगया है
सुनकर इस दिल के बात मैं घबराई
और ये क्या हुआ जो होंठ खुद मुस्कुराई
किसी से पुछु अब इस बेक़रारी की वजह
की कहीं सच मे तो हमें उनसे प्यार नहीं होगया है.?
क्यूँ अब हम तन्हा मे भी तन्हा नहीं लगते
शोर मचाती पायल,और झुमके गालो से खेलने लगे
कहने लगी जाने क्या कलाई की हँसी चुडिया मेरी
की ये साज श्रृंगार भी आजकल तुमपे ज़चने लगा है
नहीं भाती थीं जो मौसम हमें आज अपना सा लगता है
ज़िन्दगी की ये हँसी पल मुझे क्यूँ सपना सा लगता है
आँचल को उड़ाती ये बहकी हवा हमसे करें छेड़खानी
कहता है ये समा क्यूँ की हाँ तुम्हे भी प्यार होगया है
शोर मच गयीं मेरे दिल मे उनके चाहत के धुन से
पर ज़ालिम तकदीर का देखो तड़प रहे हम इतने दूर से
कैसे पैगाम भेजें उस बेखबर सनम को अपने मोहब्बत का
की कर ले एकरार नैना की हाँ तुम्हे भी प्यार हो गया है...!!
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नैना.... ✍️✍️
काल्पनिक..

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