सिद्धि सदन बिहारी बिहारिणी जू 
हमारे श्री दूलह सरकार,
 बिराजे सिद्धि सदन में आज। 
सखियाँ लै कोहबर में आईं, 
करें मंगलाचार बिराजे सिद्धि सदन में आज।। 
होय कलेबा श्री रघुबर को संग में तीनऊँ भाय। 
चारऊ कुँवरी  संग बिराजीं सिद्धि सदन में आज।। 
मन मुसुकाँय निरखि आपुस में शोभा कही न जाम। 
छेड़ सखियाँ सब मिलि के सिद्धि सदन में आज।। 
जो रस बरस रहो मिथिला में सो रस तीन लोक में नाँय। 
मची भीर भक्तन की देखो सिद्धि सदन में आज।। 
भईया लक्ष्मी निधि करें पहुँनाई।
भाभी करें मनुहार किशोरी सिद्धि सदन में आज।। 
कोहबर पूजा करी सबई ने कुलदेवी देव मनाय। 
मंगल होय सदा दम्पति को सिद्धि सदन में आज।। 
आशा भाग बड़ो जागो है झांकी रई निहार। 
नयनन को सुख आज भयो है सिद्धि सदन में आज।। 
स्वरचित मौलिक अप्रकाशित सर्वाधिकार सुरक्षित डॉ आशा श्रीवास्तव जबलपुर