बहुत गुजरा दर्दे ए जुदाई में जीवन
अब हमें प्रेम के दरिया में कतरा कतरा ही सही बह जाने दे
कुछ थोड़ा तु सुधर जा ए बेरहम वक्त
कुछ थोड़ा हमें सुधर जाने दे।।

बहुत रोए ना सोएं हम
अब दिल के अरमां होले होले ही सही संवर जाने दे 
कुछ थोड़ा तु सुधर जा ए बेरहम वक्त
कुछ थोड़ा हमें सुधर जाने दे।।

जख्म पर जख्म मरहम ना मिला
अब दिल के जख्म थोड़े थोड़े ही सही बस भर जाने दे 
कुछ थोड़ा तु सुधर जा ए बेरहम वक्त
कुछ थोड़ा हमें सुधर जाने दे।।

नहीं मांगी शोहरत मांगी सिर्फ मोहब्बत ही मोहब्बत
अब महबूब की बाहों में बाकी बचा जीवन गुजर जाने दे
कुछ थोड़ा तु सुधर जा ए बेरहम वक्त
कुछ थोड़ा हमें सुधर जाने दे।।

सुपुर्द ए खाक होने से पहले
मुझे मेरी परछाई में जर्रा जर्रा ही सही बस उतर जाने दे
कुछ थोड़ा तु सुधर जा ए बेरहम वक्त
कुछ थोड़ा हमें सुधर जाने दे।।


एक दिन तो है जाना सभी को सदा नहीं होता बसेरा यहां
मत तड़पा नस नस में बस प्रेम ही प्रेम बिखर जाने दे 
कुछ थोड़ा तु सुधर जा ए बेरहम वक्त
कुछ थोड़ा हमें सुधर जाने दे।।


बहुत हुआ गिर गिर कर संभलना
अब ना फिसल रेत सा बस संभल हां संभल जाने दे 
कुछ थोड़ा तु संभल जा ए बेरहम वक्त
कुछ थोड़ा हमें संभल जाने दे।।


पिंटू कुमावत'श्याम दिवाना'🙏🙏 💐💐