यादें तेरी मेरी...
कुछ खट्टी कुछ मीठी
महसूस करती हूं आज भी
वो पहली मुलाकात
वो झगड़ा, वो मोहब्बत, वो बरसात
यादें तेरी मेरी...
कुछ खट्टी कुछ मीठी सी
महक रही है आज भी मन में
बन के इत्र ओ गुलाब...🌹
वो प्यार का पहला अहसास
यादें तेरी मेरी....
कुछ खट्टी कुछ मीठी सी
जो बस गयी इस दिल में
धड़क रही है आज भी
बनकर दिल की धड़कन.. 💞
यादें तेरी मेरी....
कुछ खट्टी कुछ मीठी सी
महका जाती हैं आज भी
सौंधी सी खुशबू आती है ज़ब
हो जाती है सावन की पहली बरसात..... ❤
निकेता पाहुजा
रुद्रपुर उत्तराखंड

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