गुरु गोविंदसिंह जी प्रकाशोत्सव आया।
प्रकाशपर्व है सिखगुरु की जयंती आया।।

प्रकाश पर्व की बधाई हो हार्दिक बधाई।
गुरुगोविंदसिंह जयंती की देता हूँ बधाई।।

धर्म की रक्षा सुरक्षा मानव कल्याण हेतु।
सर्वस्व न्योछावर करके व बलिदान हेतु।।

अवतरित श्री सिखगुरु गोविन्द सिंह जी।
आन बान शान श्री गुरु गोविन्द सिंह जी।।

सिख समुदाय के10वें गुरु हैं गुरु गोविन्द।
धर्मरक्षा में 4 पुत्र शहीद कर दिए गोविन्द।।

नहीं कोई धरती पर दूजा ऐसा बलिदानी।
रग-2 में हो धर्म भरा वे बच्चे थे बलिदानी।।

सच्चे पथप्रदर्शक त्याग वीरता के प्रतीक।
महान सिखधर्मी और योद्धा गुरु गोविन्द।।

गुरु कहते *सवा लाख से एक लड़ाऊँ*।
यही नहीं *चिड़ियन ते मैं बाज़ तुड़ाउँ*।।

ये *तबै गुरु गोविन्द सिंह नाम कहाउँ*।
किस्सा है और गुरु का मैं कितना सुनाऊँ।।

खालसा पंथ के संस्थापक हैं गुरु गोविन्द
औरंगजेब के सामने नहीं झुके गुरु गोविंद।।

गुरु गोविन्द जी का जन्मदिवस ये मनाएं।
हम सभी ये पर्व मनाएं प्रकाश पर्व मनाएं।।

देश प्रदेश वासियों प्रकाश पर्व की बधाई।
हार्दिक शुभकामनाएं एवं बारम्बार बधाई।।

भारत है महान पुरुषों से भरी हुयी धरती।
देवीदेवता के अवतार हुए जहाँ वो धरती।।

दानी महादानी ऋषियों मुनियों की धरती।
शूर वीर योद्धा गुरु गोविंद सिंह की धरती।।

ऐसे सच्चे महान गुरु गोविंदसिंह को नमन।
श्रद्धा से शीश नवाता हूँ मेरा शत-2 नमन।।


रचयिता :
डॉ.विनय कुमार श्रीवास्तव
वरिष्ठ प्रवक्ता-पीबी कालेज,प्रतापगढ़ सिटी,उ.प्र.