कोई माने या न माने, मेरी झोली भरदी माँ ने, 
मेरी विनती करी कबूल, 
मैं दौड़ी दौड़ी लाऊँ, शिव चरणों की धूल, 
कोई माने या न माने.....

माथे गौरा जी के, बिन्दिया सोहे,
कानों में करण फूल, 
मैं दोड़ी दोड़ी लाऊँ, शिव के चरणों की धूल,
कोई माने या न माने.....

गले गौरा जी के,  हरवा सोहे,
हाथों में हथ फूल,
मैं दौड़ी दौड़ी लाऊँ, शिव चरणों की धूल, 
कोई माने या न माने.....

हाथ गौरा जी के, कंगना सोहे,
पैरों में पद फूल,
मैं दौड़ी दौड़ी लाऊँ, शिव चरणों की धूल,
कोई माने या न माने.....

अंग गौरा जी के,  चुनरी सोहे,
चुनरी मैं गोटे फूल, 
मैं दौड़ी दौड़ी लाऊँ, शिव चरणों की धूल, 
कोई माने या न माने.....

संग गौरा जी के, शिवजी बिराजें,
हाथों मैं तिरशूल,
मैं दौड़ी दौड़ी लाऊँ, शिव चरणों की धूल, 

कोई माने या न माने, मेरी झोली भर दी माँ ने, 
मेरी विनती करी कबूल,
मैं दौड़ी दौड़ी लाऊँ माँ के चरणों की धूल  ।

      भजन रचना -रजनी कटारे 
            जबलपुर ( म.प्र.)