गर्व से कह तू भारतीय है,
शान से कह तू भारतीय है,
बसेरा तेरा उस देश मे है
जिसका रखवाला 
भगत सिंह जैसा है।।

आजादी का मतवाला,
 वो तो भारत माता का
 राज दुलारा था।

 था साहसी एक वीर बालक ,
जिसने युवावस्था में जान गवाई थी,
नही झुका मस्तक उसका,
उसने हँसकर फाँसी गले लगाई थी।

 देखकर तंग दुश्मन भी थे,
उंसके हौसलों की उड़ान को,
बेख़ौफ़ आँखे कर रही थी बग़ावत ,
बिना किसी हथियार के,।

नम थी आँखे दुनिया की,
दुश्मन भी रोया था,,
भगत की जिंदादिली पर,
सबने शीश नवाया था।,।

मुस्कुरा उठी वो आँखे भी
जिसके जिगर का टुकड़ा था,
धन्य हो गयी वो कोख़ जिसने 
ऐसा बालक जना था।

सुमेधा शर्व शुक्ला
मौलिक