कर्म करें कुछ ऐसे जग में
जीवन सबका महका दें
रह जाती हैं दिल में केवल
कुछ खट्‍टी, कुछ मीठी यादें


नैनों में संजोकर रख लो
खुशियों के दो-चार पलों को
आओ भुला दें वो बातें जो
करती हैं बीमार दिलों को


कुछ भूलो कुछ याद रखो
बस साथ रखो अच्छी यादें
रह जाती हैं दिल में केवल
कुछ खट्‍टी, कुछ मीठी यादें


रात के गहरे सन्नाटे को
चीर सुबह जो आती है
नई-नई सूरज की किरणें
नया उजाला लाती हैं


करें नया जो प्रण जीवन में
पूर्ण करें अपने वादे
रह जाती हैं दिल में केवल
कुछ खट्‍टी, कुछ मीठी यादें।


करें ज्ञान अर्जित जीवन में
रामायण और कुरान से
करें उजाला जीवन में
गीता के कुछ ज्ञान से।
रंजना झा