नमन :शारदे माँ 
नमन मंच 

        

कितने वीरो ने डाला,
 जब अपने गले में फंदा।
 तब जाकर मिला है हमको,
 ये प्यारा झंडा तिरंगा।।

 कभी भूल ना जाना उनको,
 जिसने है प्राण गवाएं।
जिनकी कुर्बानी से हम,
 आजाद हिंद के पाए।
तिरंगा तो जान से प्यारा है,
  ये झंडा  शान हमारा है।।

पूजेंगे शहीदों को हम,
 इनकी प्यारी मूरत।
 भगवान नजर आता है,
जब देखे इनकी सूरत ।
जब जब दुनिया में आए,
 भारत में जन्म ही पाएं।
 भारत की दीवारों पर,
 हम नाम अपना लिख जाए।।

 तिरंगा तो जान से प्यारा है,
 ये झंडा तो शान हमारा है।।

सोने की चिड़िया था ये, 
 कभी भारत देश हमारा।
 आकर इसको है लूटा,
 कितनों ने पारी पारा।
फिर भी न मिटाने पाया
 कोई अस्तित्व हमारा ।।


तिरंगा तो जान से प्यारा है,
ये झंडा  तो शान हमारा है।।

 जय हिंद जय भारत 
स्वरचित व मौलिक रचना 
रचनाकार: नूतन राय

नाला सोपारा (महाराष्ट्र