हसरतों का सिलसिला 
सदीयोसे चलता आया हे 
कोई बैठा है फरियाद कर कर 
कोई जग हंसाया रे…
पाया किसी ने तख्तोताज 
किसी ने दरख्तो का बाग रे..
लूटा किसी ने जमाने को 
किसी ने जग लूटाया रे …
बंदगी देखी ना किसी ने बंदो की 
देखा कीस ने न अल्लाह का रहेम रे…
कोइ ऊलजा चादर बीछाने मे 
तो कोई फूल चढाने मे रे…
ज़िक्र तेरा जीस के दील से हौ 
फिक्र करे क्यो चाहे नादान क्यो न हो 
फूटपाथ बीछाये आशियाना 
चाहे महलो मे विराम फरमाये हो 
दोनों पहेलू मे जो ख़ुशी ढुंढे 
वही सच्चा दील दार रे..,




#ekehesaas #एकएहेसास
Alpa Mehta