मत कहो कि अब मुलाकात आखिरी है
अभी तो इस सफर की शुरुआत बाकी है

कुछ कांटों से घबरा कर राह क्यों छोड़ें
अभी तो  सफलता की  सौगात बाकी है

यूं ही  हार मानकर बैठजाना नहीं अच्छा 
अभी तो मुश्किलों से दो दो हाथ बाकी है

आंसू बहाकर खुद को कमजोर मत करो
अभी तो तुम्हारे  दोस्तों का साथ बाकी है

आएंगी बहुत बाधाएं रोकेंगे लोग रास्ते पर
अभी तो मजबूत इरादे, जज़्बात बाकी है

टूटेंगे बिखरेंगे , गिरकर  फिर से खड़े होंगे 
अभी तो हमारे  हौसलों की आवाज़ बाकी है 

संगीता शर्मा