दिल कर बैठा है हड़ताल।
चाहो तो कर लो पड़ताल।
फैली बेईमानी उटपटांग।
कर दो ना पूरी मेरी मांग।
सिर्फ हड़ताल से लाभ क्या।
समाधान नहीं तो लाभ क्या।
भ्रष्टाचार को दूर हटाओ।
हड़ताल का फल दे जाओ।
चेतना सिंह,पूर्वी चंपारण
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