सोने की चिड़िया है  देश मेरा, 
हर डाल पर होता है इसका बसेरा, 
जहाँ सबसे पहले सुरज का लगता है फेरा, 
जहाँ साथ रहते लोग हर बेला, 
प्यार का हर वक़्त लगता  मेला, 
सोनो की चिड़िया कहाँ  जाता है देश मेरा । 
सारे जग मे जब फैला था अंधेरा, 
तो सोने की चिड़िया ने ही फैलाया ज्ञान का सबेरा, 
सीमा  पे सैनिक वषोॅ से खड़े है , 
दुश्मन की छूटी करने को अड़े है, 
एकता का पाठ पढाता है, 
सबके दिलो में प्यार जागता है, 
भाईचारा को आगे बढ़ता है, 
यहाँ सत्य, अहिंसा, धर्म की होती है पूजा, 
दुश्मनों को भी मान सम्मान दिया जाता है, 
      यह भारत देश है मेरा, 
जिसे आज भी सोने की चिड़िया कहा जाता है। 
सोने की चिड़िया है देश मेरा।।