वर्षगाँठ मनाय रहा, समूह उड़ान आज।
उत्सव का माहौल है, मन सबके उल्लास।।
मन सबके उल्लास, खूब सज धज कर आये।
निज आसन गए बैठ,मुदित मन हो बतियाये।।
कहती स्नेह विचार, देख लो इनके ठाठ।
गाएँ खुशी के गीत, सदा आये वर्षगाँठ।।
स्नेहलता पाण्डेय 'स्नेह'
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