नारी है तो सारी है सुन्दर दुनिया,
नारी नहीं तो अधूरी है ये दुनिया।

नारी हैं तभी ये माँ बहन एवं बेटी,
पत्नी हो या माशूका ये स्त्री बेटी।

नारी शक्ति का सृजन किये ईश्वर,
एक रूपहै प्रभु का अर्ध्यनारीश्वर। 

नारी दुर्गा  नारी गौरी नारी काली,
नारी अन्नपूर्णा नारी हैं महाकाली।

नारी माँ शारदा लक्ष्मी माँ हैं नारी,
नौरात्र की नौ शक्ति माताएं नारी।

नारी पृथ्वी माँ नारी है भारत माता,
सीता नारी राधा नारी अम्बे माता।

नारी शक्ति स्वरूप प्रकृति ये माता,
शक्ति का अवतार महा गौरी माता।

नारी शक्ति बिना न है कोई विधाता,
नारी शक्ति रूप वैभव लक्ष्मी माता।

नौरात्र में नारी शक्तियाँ कन्या माता,
नारी शक्ति सरस्वती हैं विद्या माता।

आदि शक्ति गायत्री माता नारी शक्ति,
मनसा देवी मुम्बा देवी हैं नारी शक्ति।

लक्ष्मी बाई पन्ना धाय जोधा बाई नारी,
मदर टेरेसा फूला बाई शबरी माँ नारी।

शीतला माता संतोषी माँ हैं नारी शक्ति,
अरुंधति योगमाया छट्ठी माँ नारी शक्ति।

कौशल्या देवकी यशोदा द्रौपती हैं नारी,
गांधारी कुन्ती शकुंतला नानकी हैं नारी।

पीटी उषा मैरी काम महादेवी वर्मा नारी,
लता मंगेशकर सती सावित्री भी हैं नारी।

कितना और गिनाऊँ बोलो नारी शक्ति,
नारी विहीन दुनिया में ना है कोई शक्ति।

नारी शक्ति ही रक्षा करती हम सब की,
नारी ही माँ बेटी बहन है ये हम सब की।

नारी का है आज जहां में झंडा ये ऊँचा,
धरती आसमान व सागर में भी है ऊँचा।

लिखती इबारत नई रोज ये नारी शक्ति,
जीवन के हर क्षेत्र में सफल हुई ये शक्ति।

नारी शक्ति अब ना है बिलकुल अबला,
सबपे भारी है बहन बेटियों का अमला।

यही बेटियाँ नारी ही हैं हर घर की शान।
जहाँ ना बेटी ना नारी हैं घर है सूनसान।

ये नारी देवी हैं दुर्गा हैं ये घर की हैं शक्ति,
इनसे ही तो संसार में होती है  माँ भक्ति।


रचयिता :
डॉ.विनय कुमार श्रीवास्तव
वरिष्ठ प्रवक्ता-पीबी कालेज,प्रतापगढ़ सिटी,उ.प्र.