स्कूल का वो पहला दिन
      स्कूल का वो पहला दिन, 
     रो रो कर हाल बुरा था, 
    माँ को जो साथ न जाना था, 
पापा के सख्ती के आगे अपना बस न चलना था, 
जाना तो था ही उस मंदिर मे, ज्ञान जो लेना था, 
आंखों से गंगा जी बह रही थी, 
पर माँ का समझाना जारी था, 
नए दोस्त मिलेगें, नए यूनिफॉर्म, शूज, 
नए नए पकवान मिलेगे इस तरह से, 
      ललचाना  जारी था, 
पढाई लिखाई के साथ खेलने कुदने  को भी मिलेगा, 
सबकी यहाँ जिंदगी सवंरती , नए रास्ते है बनते, 
कितने पापड़ बेले जातें पर स्कूल तो पहले दिन जाना ही था, 
सच मे वो कितना हसीन पल था । 
स्कूल का वो पहला दिन।।