सात सुरों पर करतीं थी राज। 
कोयल से भी मीठी आवाज।। 

सुनकर उनके गीतों का साज। 
भूलें श्रोता अपना हर काज।। 

स्वर कोकिला नाम था पाया।
हर मानव हिय में स्थान बनाया।।
 
सुख दुःख के गीतों का गाया। 
सारे जग में अति नाम कमाया।। 

जीवित यादों में सदा रखेंगे। 
हम गीतों में महसूस करेंगे।। 

याद आपकी हृदय मे धरेंगे। 
सुर की देवी को नमन करेंगे।।

गीता देवी ✍️
औरैया उत्तर प्रदेश