परिवार में बड़ी शक्ति है
    मन प्रसन्नता से भर जाता
       बच्चों का खिलता चेहरा तो
          सराबोर हो हर क्षण जीवन के।
महके तन मन माँ का
     जब बच्चों के चहके स्वर।
         सुखमय जीवन हो जाता है
              हृदय पुलकित आनंदित हो जाता।

बच्चों के साथ सुखमय
   वक्त गुजरता है मेरा ।
साथ जब उनके होती 
     चमकता चेहरा गर्व से।
सफल हुआ जीवन मेरा
     सफलता बच्चों ने पाई।
शुक्र ईश्वर का करूँ मैं
     नेक संतान छोली में डाली।
धन्य हूँ तुम्हारी मौजूदगी में
      और प्यारी मुस्कान बिखरी मुझमें।।

बच्चों सा मन है कोमल
चेहरे पर निश्छल मुस्कान।
गाने के सुर पर पैर थिरकते
कितनी भोली सी मधुर मुस्कान।
   देख बालपन हृदयी प्रेम उमड़ता
   प्यारा नन्हा सा रूप फरिश्ता है।
   बाहों में भरने की उत्कंठा प्रबल
   कितना भोला बचपन मिलता है।
------अनिता शर्मा झाँसी
-----मौलिक रचना