संविधान पे गर्व हुआ, है आज मिला इंसाफ उसे 

नारी का कर दे चीरहरण, करता नही अल्ला माफ उसे ।

शकुनि का पासा पलट गया. जब न्याय -निति मे जंग हुआ,

"सत्यमेव जयते "कहने को  हर प्राणी स्वछंद हुआ।

नारी शोषण करने वाले को मिला सबक कुछ ऐसा है ,

अब उस पर गाज गिरेगी जो अब छुपाए चेहरा बैठा है  ।

दुष्कर्मी का जो पक्ष करे वो भी दुष्कर्मी जैसा है . . 

आहत मन को , आहत करके अब विषधर बन कर बैठा है. ।