शिक्षा व्यवसाय या कर्तव्य???
कौन निश्चित करेगा यह ?
अभिभावकों के ऊपर बढ़ता
मंहगी फीस का  दुगुना बोझ 
या इस शत्रु  कोरोना की मार से 
वेतन को तरसते लाचार  शिक्षक 
शिक्षा माफिया का बढ़ता शिकंजा
या शिक्षकों में अनिश्चितता का डर
बड़ी बड़ी इमारतों में खरीदी गई शिक्षा
या बच्चों के साथ पूर्ण समर्पित शिक्षक 
कहीं होता ऑनलाइन शिक्षा का खेल
तो कहीं खून चूसते मैनेजमेंट  रूपी जोंक 
कहीं निःशुल्क विद्या दान देते गुरु
कहीं खेल खेल में सिखाया गया ज्ञान
कहीं बच्चों पर लादा गया बस्ते का भार
कहीं शिक्षा के नाम पर किया गया शोषण
तो कहीं शिक्षा को ही समर्पित पूरा जीवन
वास्तव में शिक्षा ना तो पूर्णतः व्यवसाय है
और ना ही सभी के लिए सच्चा कर्तव्य
यह तो निर्भर करता है हम शिक्षकों पर
कि उसे  क्या रूप दे सबके सामने
व्यवसाय या कर्तव्य???

संगीता शर्मा