दुनियादारी की दौड़भाग में
अब समय है मिलता कम
आरंभ हुआ इसीलिए फोन पे
शुभकामनाओं का चलन

अवसर होली, दीवाली का
या क्रिसमस, ईद का हो त्यौहार
डेटा ऑन करते ही
धड़ाधड़ मेसेज आते अपार

शुभ संदेशों की फोटो से
गैलेरी फुल होती
सब संदेशों का रिप्लाई करें
नैतिक जिम्मेदारी होती

इंटरनल स्टोरेज की समस्या,
मेमोरीकार्ड में स्पेस भी है कम 
पर शिकवा किसी से कर नही सकते
क्योंकि त्यौहारों का है मौसम

    प्रीति ताम्रकार
    जबलपुर(मप्र)