हर नाद समाहित शिवम् शिवम्! 
हर शब्द प्रवाहित शिवम् शिवम्!! 
सिर पर पावन गंगाधारी है!! 
न  मन मे कोई अहम्अहम्!! 

हर नाद समाहित शिवम् शिवम्! 
हर शब्द प्रवाहित शिवम् शिवम्!! 

प्रभु अपरजित चंद्रधारी! 
कण कण मे समाहित त्रिपुरारी!
न मन मे कोई भरम् भरम्!! 
हे सत्य सुंदरम् शिवम् शिवम्!! 

हर नाद समाहित शिवम् शिवम्! 
हर शब्द प्रवाहित शिवम् शिवम्!! 

नागो की माला विषधारी! 
कानों में कुंडल त्रिपुरारी!! 
त्रिनेत्र खुले, प्रलयंकारी! 
अब न है, कोई वहम वहम!! 

हर नाद समाहित शिवम् शिवम्! 
हर शब्द प्रवाहित शिवम् शिवम्!! 

नंदी है  प्रतिक्षित द्धार खडे! 
शिव, असुरों का संहार करे!! 
तन पर भस्म राख मले!! 
है   मशान रमे अलंकारी!! 

हर नाद समाहित शिवम् शिवम्! 
हर शब्द प्रवाहित शिवम् शिवम्!! 

है  डम डम डमरू नाद करे!! 
है त्रिशूल पे काशी हृदय बसे!! 
कैलाश पति,  हे महादेव भोले! 
है आदिशक्ति  प्रिये हृदयश्वरी! 

हर नाद समाहित शिवम् शिवम्! 
हर शब्द प्रवाहित शिवम् शिवम्!! 
रीमा महेंद्र ठाकुर लेखिका
राणापुर झाबुआ मध्यप्रदेश भारत