लोगों की लाइफस्टाइल बदल रही है 
सुनसान रातें चमचमाहट में बदल रही हैं 
कानफोड़ू संगीत में पगलाते हुए लोग 
डी जे की धुन पर हसीनाएं थिरक रही है 

देर रात तक पार्टियां करने का चलन 
वोदका में धुत होकर लुढ़कने का फैशन 
हर रात नयी लड़की या नये मर्द की 
अनंत ख्वाहिशों में कैद होता हुआ यौवन 

रात का हैंगओवर उतरने का नाम नहीं लेता
फास्ट फूड ही अब जीने का आधार होता 
झूठे चेहरे, झूठे रिश्ते, झूठी जिंदगी है यारो 
झूठ की दुनिया में सच्चा दिल कहां से मिलता ? 

हरि शंकर गोयल "हरि"