कौन है जो हतोत्साहित नहीं हुआ
कौन है जो कभी निराश नहीं हुआ ।

मगर एक अलग पहचान बनाई है उसी ने
जो संघर्ष के दौर में भी विचलित नहीं हुआ ।

आते हैं कई पड़ाव जीवन में ऐसे 
जो धैर्य की लेते हैं परीक्षा ।

जरूरी है उस वक्त खुद पर विश्वास करना
कौन है जो प्रत्येक परीक्षा में उत्तीर्ण हुआ ।

बिना हार के किसने है जीत का स्वाद चखा
हारने के बाद ही तो जीत का असली मतलब पता चला ।

कौन है जो कोशिशों के बाद भी
कामयाब नहीं हुआ ।।

कविता गौतम...✍️