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ज़िन्दगी मे हम जाने अनजाने मे
हज़ारो गलतियां कर बैठते है
जिसका हमें बहुत देर बाद अहसास होता है
ज़ब वही सबकुछ
हमारे ज़िन्दगी के साथ बीतता है
बहुत कम लोग होते है दुनिया मे
जिन्हे अपनी की गलती का अहसास होता है
या उस गलती की
प्रायश्चित करने की दिल से तैयार होते है
नहीं तो आजकल का जमाने मे
कुछ लोग ऐसे भी होते है
जिन्हे अपनी गलती का अहसास
या कभी पछतावा नहीं होता
कितना भी बड़ी गुन्हा कर दें
उन्हें प्रायश्चित की ख्याल तो क्या
माफ़ी मांगना भी उन्हें बेज़्ज़ती लगता है
कीसी के ज़िन्दगी को बेरहमी से कोई रौद जाते है
और मुड़के देखते भी नहीं की
वो शख्स कभी उठ पायेगा भी या नहीं
कहते है संसार मे गलतियां सबसे होती है
कभी कभी अच्छे से अच्छे बात भी
किसी के दिल को कयी टुकड़ो मे बिखेर देता है
वैसे ही बड़े से बड़े गलतियां भी
ईश्वर सच्चे मन से प्रायश्चित करने वालो को
दिल से माफ़ कर देता है
लेकिन आजकल एक इंसान ही
एक इंसान को माफ़ नहीं कर पाता
क्योकि उसके मन मे क्रोध व द्वेष से भर जाता है
माफ़ी देने की दूर की बात है
बदले की आग हर पल आँखों मे लेकर घूमने लगे है
एक के गलती करने की सज़ा मे
जाने कितने दिलो मे दाग़ देजाते है
उन्हें फर्क नहीं पढ़ता है की
ऐसा करने से क्या क्या बिगड़ता है
बस उनके मन के और दिमाग़ के ज़िद्द पूरी होनी चाहिए
लेकिन ये कभी नहीं समझेंगे की
किसी को गर अपने गलती का दिल से अहसास है
गर वो अपनी गुन्हा का
सच्चे दिल से प्रायश्चित करना चाहता है तो
उसे एक मौका देनी चाहिए
क्योकि जिस पल
उसे अहसास होगया अपने गलती का
उसी पल उसका प्रायश्चित होजाता है
ईश्वर होकर हर किसीको कयी मौक़े देते है
हम तो इंसान ही है
हम किसी एक को भी मौका देते है प्रायश्चित की
तो हमारे किये गए
कयी गलतियों का भी प्रायश्चित होजाता है....!!
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नैना... ✍️✍️

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