नवरात्रि के , नौ दिन है पावन
लगा लिये मां ने ,सुंदर आसन ।।

पूजा निशदिन होगी , मंदिर हो या घर
लेकर मनौती आयेंगे , माता हम तेरे दर  ।।

माता को अर्पित करु, प्रसाद उन्हें जो भाये
कृपा करो हमपे माता,खड़े हैं शीश झुकाये ।।

प्रथम दिन शैलपुत्री ,द्वितीय दिन ब्रह्मचारिणी
शूल धारण करने वाली, तुम हो मां शूलधारिणी ।।

तृतीय दिन चंद्रघंटा, चतुर्थ दिन कुष्मांडा
चंड-मुंड का नाश करे, तुम हो मां चामुंडा ।।

पंचम दिन स्कंदमाता , षष्ठम दिन कात्यायनी
सम्यक रूपिणी ब्रह्मांड की ,तुम हो मां भवमोचनी ।।

सप्तमी दिन कालरात्रि,अष्टमी दिन महागौरी
सुंदरता की देवी पूजे, तुम हो मां कौमारी ।।

नवमीं दिन उपासना करे भक्त, माता सिद्धिदात्री
कल्याण करने वाली मैय्या ,तुम हो मां जगद्धात्री ।।

जय हो नवदुर्गा मैय्या, कृपा करो हमपे मैय्या
रक्षा तुम ही करने वाली, तुम हो दयानिधि मैय्या ।।
         🙏💐🌹जय दुर्गा मां🌹💐🙏
(मातारानी आप सभी की मनोकामना पूर्ण करे)
                                       मनीषा भुआर्य ठाकुर(कर्नाटक)