है ये सेहत आपकी फिर भी
समझते नही समझाने के बाद
कभी न दिक्कत आएगी भाई
आदर्श दिनचर्या निभाने के बाद
ये गोलियां या टेबलेट है बला
खाओ बिमार हो जाने के बाद
ऋषियों ने तंदुरुस्ती के नुस्खे दिए
सौ दफा आजमाने के बाद
ठंडा पानी न पीना भूलकर
कभी गरम खाने के बाद
पोपला मुंह लेके घूमते रहोगे
दांत गिर जाने के बाद
सेहतमंद रहना बेहद जरुरी हैं
बाकी सारे काम उसके बाद
वर्ना खाक खुश्बू क्या रहेगी
कागजी फूल बन जाने के बाद
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प्रेषिका - लेखिका - ममता यादव (प्रान्जली काव्य)
स्वरचित व मौलिक
भोपाल मध्य प्रदेश
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