9मई1540सिसोदिया राजपूत वंश में जन्मे।
महाराणा प्रताप सिंह सिसोदिया  वीर जन्मे।

जन्मे  जिस पुण्य धरा पर वीर प्रतापी राणा।
भारत में कुंभलगढ़ था राजस्थान का प्यारा।

जिस पवित्र कोखी से जन्मे वो नाम है भाई।
महाराजा उदय सिंह महारानी जयवंता बाई।

28 फरवरी 1572 को है राज्याभिषेक हुआ।
महारानी अजबदे पंवार संग शुभविवाह हुआ।

राणा प्रताप की इन्हें लेके रही ग्यारह पत्नियाँ।
कुल 17पुत्रों को जनी ये कुल ग्यारह पत्नियाँ।

महाराणा प्रताप सिंह हल्दी घाटी का युद्ध लड़े।
उसी वीरता से देवर और चप्पली का युद्ध लड़े।

500 भील लोगों को ले राणा प्रताप युद्ध किये।
राजा मान सिंह की 80000 सेना से युद्ध किये।

अस्सी किलो का भाला था बहत्तर किलो ढाल।
चेतक से चलते थे श्रीमुकुट विराजे उनके भाल।

देख वीरता राणा में इन्हें राजपूत राजा माना है।
मुग़लों ने प्रतिरोध बाद ये मेवाणी राणा माना है।

घास फूस की रोटी भी खाये भू पर शयन किया।
मनोबल रखे सदैव ऊँचा गिरने कभी नहीं  दिया।

9वर्षो बीच-2 में अकबर किये आक्रमण व हारे।
महाराणा प्रताप सिंह अकबर से कभी नहीं हारे।

प्रताप का भाला तलवार व घोड़ा चेतक निराला।
19जनवरी1597को चलबसा 56वर्षी मतवाला।


रचयिता :
डॉ.विनय कुमार श्रीवास्तव
वरिष्ठ प्रवक्ता-पी बी कालेज,प्रतापगढ़ सिटी,उ.प्र.
(शिक्षक,कवि,लेखक,समीक्षक एवं समाजसेवी)