अगर देर रात तक बिजली,
यदि ना आए तो,
जैसे शामत आ जाती है।
इस भीषण गर्मी में,
पसीने नदियों से,
बहती हुई हमें भींगा जाती है।
देर रात तक नींद आती नहीं,
सुबह नींद पूरी होती नहीं,
देर उठने से आलसी का ठप्पा लगाती है।
       -चेतना सिंह,पूर्वी चंपारण