ऐ भारत भूमि के नौजवानों, 
जिस धरा पर जन्म लिए तुम ,
उसका तो सम्मान करो,
 अपने स्वार्थ के खातिर, 
मातृभूमि का ना अपमान  करो  । 

ऐ भारत भूमि के नौजवानों, 
जिस धरा पर जन्म लिए तुम, 
उसका तो सम्मान करो  । 

पलटो जरा इतिहास तुम अपने, 
सैकड़ों वीरों की वीर गाथा, 
को ही पाओगे, कर रहे जो, 
तुच्छ हरकत तुम क्या यही ,
मातृभूमि पर बलिदान कर पाओगे  ।

ऐ भारत भूमि के नौजवानों , 
 जिस धरा पर जन्म लिए तुम, 
उसका तो सम्मान करो  । 

सपने देखे जो थे तुमने, 
मातृभूमि की रक्षा के खातिर ,
तुम सेना में जाओगे, 
कर रहे जो सर्वनाश देश का, 
बच्चों को क्या संदेश पहुँचाओगे  । 

ऐ भारत भूमि के नौजवानों, 
इस धरा पर जन्म लिए तुम, 
उसका तो सम्मान करो  । 

माना  इन नीतियों के कारण, 
हुई तुम्हें तकलीफ बहुत है, 
किंतु मिल रहे जो अक्सर तुम्हें ,
उसका तो सम्मान करो   । 

अपने कुकर्मों के कारण, 
इस पावन धरा को ना अपमान करो, भारत भूमि पर जन्म लिए हो, 
इस पर तो अभिमान करो  । 

ये भारत भूमि के नौजवानों, 
जिस धरा पर जन्म लिये  तुम, 
उसका तो सम्मान करो  । 


गौरी तिवारी 
भागलपुर, बिहार