है बड़ा ऊंचा रुतबा उनका नाम  है  
जिनका भारतीय सैनिक 
अपना सब गवा कर बॉर्डर पर तैनात रहना
 ना मौत का डर ना  माथे पर शिकन 
 खुशी-खुशी देश की खातिर हो जाते कुर्बान 
 घर की याद को दिल में दफन कर 
 तीज त्यौहार सब  छोड़कर 
 देश के लिए हरदम रहते तैयार
 यह होते बड़े जांबाज 
 यह होते बड़े दिलदार 
 जिसने इन को जन्म दिया 
 उस मां को भी लाखों सलाम
 आसान नहीं होता औरों की खातिर  
 अपने बच्चे को कर देना कुर्बान 
 बाप की भी है बड़ी कुर्बानी 
 देश की खातिर जिसने  
 अपने बच्चों की दे दी  जावानी
 उन्हीं की वजह सलामत है अपना देश 
 उन्हीं की बदौलत चैन से सोता हर एक 
 देखो जाया ना जाने देना उनकी कुर्बानी 
 सिर्फ जुबान  तक ही ना हो उनकी शुक्र अदायगी 
  उनके हयात और उनके बाद भी
  उनके परिवार की करना निगरानी
  तुम्हारी छोटी सी फिक्र से 
  उनका मन  ना  होगा भारी 
  अपने बड़े बलिदान के बदले 
   उनको बड़ा सुकून देगी
   छोटी सी यह करनी तुम्हारी I
    
हुमा अंसारी