दर्द वो एहसास है जो बिना चाहत है ।
दर्द ही तो है जो हसते इंसान के चेहरे से हँसी छिन लेती है।
ये दर्द ही तो है जो कमजोर को मजबूत बना देती है हर मुश्किल में भी जीना सिखा देती है ।
दर्द जरूरी नही चोट की ही हो, कुछ दर्द ऐसे भी है जो बिना हथियार के होते है ।
वो दर्द जो हम ना किसी के कह सकते ना उसके साथ रह सकते ।
ना उस दर्द के आँसु किसी को दिखा सकते ना उसे छिपा सकते ।
दर्द ही तो है जो दर-बदर भटकाता है ,
ये दर्द ही तो है जो इंसान को अंदर से तोड़ देता है ।
देखा जाए तो ये दर्द ही तो है जो मुश्किल में अपने और परायो का एहसास कराती है ।
दर्द ही तो है जो रिश्तों की एहमियत सिखाती है ।
ना हो दर्द तो खुशियों की महत्वपूर्णता ही क्या,
ये दर्द ही तो है जो सुकून का अस्तित्व बनाती है ।
दर्द हर किसी के जिंदगी में होता है ,
फर्क बस इतना है कोई इससे मर जाता है, तो कोई इससे तर जाता है ।
दर्द वो एहसास है जिसे हँसी से छिपाते है,
ये दर्द ही तो है जो खुद को सजा देती है ।
दर्द ही तो है जो जिंदगी जीने का सलीका सिखाती है ।
ये दर्द ही तो है जो हमदर्द को भी बेदर्द बना देती है ।
दिव्यांशी निषाद
प्रयागराज उत्तर प्रदेश

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