तुम्हारी सुन्दरता पर 
क्या लेख लिखा जाएं...।
देखकर तुम्हारी सुन्दरता को, 
शायर भी अपनी गजल भूल जाएं...।।


गुजरते हो तुम जिस भी राह से
वो रास्ते भी गुलशन बन जाएं...।
तुम्हारी चाल को देखकर तो 
मोर भी नाचना भूल जाएं...।।


जब तुम मेरे ख्यालों में आते हो,
मेरे ख्याल भी तब शर्मा जाएं...।
देखकर तस्वीर को तुम्हारी
आईना भी मेरा अक्स भूल जाएं...।।


हम तो खुद का नाम भी पहचान नहीं 
पाते, जब नाम तुम्हारा जुबान पर आ जाएं...।
आँखों की हया को कैसे समझाएं,
ये तो तुमको देखकर खुद को भूल जाएं...।।



           आरती सुधाकर सिरसाट
             बुरहानपुर मध्यप्रदेश