जब अंतिम समय आता है मनुष्य घबराता है।

 यमदूत जब आता है मनुष्य घबराता हैं,

 आ जाओ अंतिम बुलावा है अंत समय अब आया है।

 मनुष्य रोता और तड़पता है, 

यमदूत कहता है नया चोला (शरीर) बदलेगा तुम फिर क्यों डरते हो। 

आत्मा और परमात्मा का मिलन होगा, फिर तुम क्यों घबराते हो। 

पाप पुण्य का लेखा जोखा होगा मोह माया के बंधन से मुक्ति मिलेगी।

 है मनुष्य तू क्यों घबराता है सुख दुख में तूने परमात्मा को याद किया ,

अब जब मिलन की घड़ी आई हैं तू क्यों घबराता है।

 रिश्ते नातेदार ,संबंधी सब मोह माया के बंधन है अकेले आए हो अकेले जाओगे हे मनुष्य तू क्यों घबराता है।

 परमात्मा नें तुझे भेजा है परमात्मा के पास जाना है

 मिट्टी में मिल जाना है पंच तत्व में विलीन हो जाना है।

 मृत्यु एक अटल सत्य है जो आया है सो जाएगा

 अपने कर्म का फल लेकर ही जाएगा। 

हे मनुष्य फिर तू क्यों घमंड करता है 

माया मोह के बंधन से मुक्त हो जाएगा तेरा अंत समय आया है।

 मनुष्य अब यह कहता है 

धरती पर जन्म लिया धरती से नाता है जन्मभूमि प्यारी हैं। 

मनुष्य और भगवान का अनोखा (रिश्ता) नाता है

 सुख दुख में   परमात्मा को याद किया।

 कभी देखा नहीं पर अनोखा नाता है

 हर सुख दुख में मदद मांगी पर जब अंत समय आया है

 पाताल लोक ही प्यारी हैं। 

मनुष्य जानता है संगे संबंधी रिश्ते नातेदार 

सब मोह माया है, अकेले आए थे अकेले ही जाना है।

 मृत्यु एक अटल सत्य है पर  मृत्यु से भय लगता है ।

 मृत्यु का खौफ पशु पक्षी और मनुष्य सबको है

 परमात्मा के यहां  पाप पुण्य का लेखा जोखा होगा 

 इसीलिए मन घबराता है देवलोक से पाताल लोक प्यारी हैं।

 हे यमदूत जन्म भूमि ही प्यारी है परमात्मा को ना देखा ना जाना जन्मभूमि ही  प्यारी है। 

अंत समय आया है पर मोह माया के बंधन से बंधा संसार से नाता है। 

हे यमदूत मनुष्य का मृत्यु से जी घबराता है, 

अंत समय में रोता और तड़पता है।

 मरते वक्त भी मुंह से राम नाम नहीं निकलता है

 बेटे और पोते पोतियो का मुंह से नाम निकलता है।

 संसार एक मायाजाल हैं सबको पता है

 पर संसार के बंधनों से छूट नहीं पाता है। 

ऐ यमदूत मनुष्य का मृत्यु से जी घबराता है।….....




                      सपना कुमारी 
                       बिहार पटना