प्यार इक अहसास है,ये कोई अल्फ़ाज़ नहीं,
है ये इक अनुभूति,होती शब्दों में जो बयां नहीं।
दिल में अगर प्यार है, निगाहों से बयां कर दो,
वो ग़र शर्मा जाते हैं, तुम ही कुछ पहल कर दो।
प्यार मिल जाने पर दिल में ,रस ही रस भरने दो,
हो ग़र मस्त हृदय, तो इस रस को छलकने दो।
प्यार सौन्दर्य है उसे,किसी आईने की ज़रूरत नहीं,
दिल किसी श्यामा पे फ़िदा है, श्वेता भायेगी नही।
प्यार की तारीफ़ क्या,वो इक चेहरे पर फ़िदा होता है,
महब़ूब की नश़ीली आंखों के, नश़े पे कुर्बां होता है।
इक़रारे इश्क होने पर, उसे शिद्दत से निभाना सीखो,
प्यार में ज़ी तो सभी लेते हैं,हद से गुज़र जाना
सीखो।
🌹🌹❤️🌹🌹
स्नेह लता पाण्डेय
नई दिल्ली

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