तुमसे मिलकर "प्रेम की प्यास जगी"
मेरे मनमीत ,तुझसे ही,मेरी आस जगी"""""
मेरी साँसो की महक "मेरी अनभूति"""""""""
मेरे मन से जुडी है,तेरे मन की ज्योति""""""
मेरी मन दहलीज पर , जल रहा है ,दिया""""
अब तक हर पल तेरे लिऐ ही 'जिया"""""""""
तुझसे मिलन की,प्रीत पूरी है"प्रियवर""""""
तू मेरे लिऐ हर क्षण "जरूरी है' प्रियवर"""""
जब से बँधी है "तुम सँग प्रेम की डोरी""""""
तेरे ह्रदय तार से जुडी है"मेरे मन की डोरी """""
रीमा महैन्द्र ठाकुर
रानापुर झाबुआ मध्यप्रदेश

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