चाहिए बस इक साथ तेरा;
सब से निकल जाएंगे,
बस हो इक साथ तेरा।
अंधेरी रात में भी हो,
बस इक साथ तेरा;
अकेली सुबह में भी हो,
बस एक साथ तेरा....
मांगू ना कोई और दुआ,
गर हो एक साथ तेरा;
चाहू ना और कुछ भी,
गर हो एक साथ तेरा।
दुनिया में आए अकेले,
और जाना भी अकेले;
फिर भी पता नहीं कि:
क्यों चाहिए साथ तेरा।
हर गम लगता है छोटा,
गर हो साथ तेरा;
हर खुशी लगती है ज्यादा:
गर हो साथ तेरा।
है बस यही एक ख्वाहिश मेरी
बना रहे उम्र भर यूं ही
बस एक साथ तेरा!!!
समाप्त।
सिमरन.....

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