बहुत सालों पुरानी बात है किसी गांव के पास एक बहुत बड़ा जंगल था उस जंगल में बहुत सारे जंगली जानवर रहते थे गांव वालों को अगर कभी भी गांव से बाहर जाना पड़ता था तो उस जंगल से होकर ही निकलना होता था।।।

गांव वालों के बीच यह अफवाह भी थी कि जंगल में एक जादुई शेर भी रहता है जो कि इंसानों की तरह बोल सकता है लेकिन किसी ने भी अपनी आंखों से अभी तक उस शेर को बोलते हुए नहीं देखा था और उस शेर का पूरा रहस्य क्या है यह भी कोई अब तक नहीं जान पाया था लेकिन फिर भी शेर वा अन्य जंगली जानवरों के डर की वजह से लोग जंगल में अकेले आने जाने से डरते थे क्योंकि जानवर भी अक्सर अकेले इंसान पर ही हमला करते हैं।।।

शाम का वक्त था गांव में ही रहने वाले 2 आदमी जंगल से होकर अपने गांव वापस लौट रहे थे जब वह जंगल की बिल्कुल बीचो बीच पहुंचे तो उन्हें किसी ने पीछे से रोकने के लिए आवाज लगाई लेकिन जब उन दोनों आदमियों ने पीछे मुड़कर देखा तो उन्हें वहां कोई भी दिखाई नहीं दिया वहां पर उसी शेर की गुफा थी जिसके बारे में हम दोनों ने भी सुन रखा था।।।

उन दोनों आदमियों ने जब देखा कि वह गुफा के पास ही रुक गए हैं तो शेर के बारे में सोच कर वह दोनों बुरी तरह से डर गए और तेजी से गांव की तरफ भागने लगे और इन दोनों ने ही पीछे मुड़कर नहीं देखा।।। और दोबारा उन दोनों ने कोई आवाज भी नहीं सुनी।।।

गांव वापस आकर उन दोनों ने गांव वालों को सारी बातें बताई सुनकर गांव वाले भी डर गए और उन्होंने कहा अब से कोई भी अकेला जंगल में नहीं जाएगा।।। सारे गांव वालों ने दो दोस्त रमन और रघु भी उन दोनों की बातें सुन रहे थे वह दोनों बहुत ही गरीब परिवार से थे उन दोनों के परिवार में हमेशा पैसों की किल्लत रहती थी इस वजह से उन दोनों ने निश्चित किया था कि वह शहर जाकर काम करेंगे और गांव में अपने परिवार वालों के पास पैसे भेजेंगे।।।

उन दोनों गांव वालों की बातें सुनकर उन लोगों की भी जंगल से होकर शहर जाने की हिम्मत नहीं हो रही थी लेकिन फिर भी उन दोनों मित्रों ने अपने दिल को मजबूत किया और अगले दिन गांव से शहर की तरफ जाने के लिए निकल पड़े गांव से कुछ दूर जाते ही रास्ते में जंगल पड़ा।।।

वह दोनों मित्र डरते डरते जंगल के रास्ते से होकर गुजर रहे थे उन दोनों ने एक-दूसरे का हाथ मजबूती से पकड़ा हुआ था और एक दूसरे से बातें कर रहे थे....

रमन बोला क्यों रघु तुझे भी लगता है यहां कोई शेर है??

रघु ने जवाब दिया पता नहीं शेर है या कोई और जानवर लेकिन हमें बस जल्दी से जल्दी जंगल पार करना है कहकर वह दोनों अपने कदम और तेजी से बढ़ाने लगे ।।।

तभी रास्ते में फिर उसी शेर की गुफा पड़ी वहां से इन दोनों के नाम की आवाजें आए।।। आपने अपने नाम की आवाज सुनकर उन दोनों को ही बहुत आश्चर्य हुआ कि ऐसे जंगल के बीचो बीच कौन उन्हें पुकार रहा है लेकिन फिर भी वह दोनों पहले वाले दोनों व्यक्तियों की तरह डरकर घबराए या भागे नहीं बल्कि वहीं रुक गए।।।

और गुफा के पास ही रुक कर उन दोनों ने पूछा कौन है यहां सामने आओ???

उन दोनों को अब डर तो लग रहा था लेकिन वह इस रहस्य को भी जानना चाहते थे कि आखिर गुफा में क्या है???

वह दोनों थोड़ी देर ऐसे ही खड़े रहे थोड़ी देर के बाद एक शेर उसी गुफा से निकलकर बाहर आया।।। अपने सामने सचमुच का शेर देखकर रमन और रघु दोनों की सांस गले में अटक गई।।। इन दोनों ने सोचा कि अब तो यह शेर उन दोनों को खा जाएगा लेकिन उस शेर ने ऐसा कुछ भी नहीं किया उसने उन दोनों पर हमला नहीं किया।।

शेर इंसानों की आवाज में उन दोनों से बोला- तुम दोनों बहुत हिम्मत वाले हो..... नहीं तो मैंने आज तक जितने भी लोगों को पुकारा है सब डर की वजह से यहां से भाग जाते हैं सिर्फ तुम दोनों ही हो जिन्होंने यहां रुककर मेरा सामना किया है???

सबसे पहले तो शेर को इंसानों की तरह बोलते देख रमन और रघु दोनों को अपने कानों पर विश्वास नहीं हुआ क्या एक शेर भला इंसानों की तरह कैसे बोल सकता है??? वह दोनों ही एक दूसरे का मुंह देख कर यही सोच रहे थे लेकिन कुछ भी बोल नहीं पा रहे थे।।।

तभी शेर पुनः बोला- डरो नहीं मैं तुम दोनों को नुकसान नहीं पहुंचाऊंगा.....

शेर के इतना कहने से उन दोनों की हिम्मत बढ़ी- और उन दोनों ने एक स्वर में उस शेर से पूछा- तो तुम ही वह जादुई शेर हो जिसके बारे में गांव में बातें होती है लेकिन तुम इंसानों की तरह कैसे बोल सकते हो???

शेर ने कहा तुम दोनों बताओ इस वक्त कहां जा रहे थे उसके बाद मैं अपना रहस्य तुम दोनों को बताऊंगा।।।

रमन ने कहा हम दोनों बहुत ही गरीब है तो हम पैसे कमाने के लिए शहर जा रहे थे??

यह कहकर शेर ने कहा तुम्हारी पैसों की कमी मैं पूरा कर सकता हूं???

रघु ने पूछा अच्छा वह कैसे??

शेर ने कहा तुम दोनों मेरी पूंछ से तीन तीन बाल उखाड़ लो और अपने गांव वापस चले जाओ गांव पहुंचने के बाद रात्रि के 12:00 बजे नदी में स्नान करके मेरा एक बार अपने दाहिने हाथ में मुट्ठी में बंद करके जो भी मांगोगे वह तुरंत ही मिल जाएगा।।।

शेर की यह बात सुनकर रमन बहुत ही ज्यादा खुश होता है और उसकी पूंछ से तुरंत ही बाल तोड़ने आगे बढ़ता है??? लेकिन रघु उसे रोक देता है और शेर से पूछता है लेकिन तुम हम दोनों की मदद क्यों कर रहे हो??? इसमें तुम्हारा क्या लाभ???

इस पर शेर ने कहा कि- अभी जो तुमने मुझसे मेरा रहस्य पूछा था वही इस बात का भी उत्तर है ध्यान से सुनना यहां मेरे पूर्व जन्मों का फल है पिछले जन्म में मैं एक राजकुमार था मुझे शिकार करने का बहुत शौक था तो मैंने बहुत सारे जानवरों का शिकार किया था उन्हीं जानवरों में से शेर का शिकार भी किया था जो की एक महात्मा की रक्षा में तैनात था।।। उस शेर की मृत्यु के पश्चात ही महात्मा ने मुझे यह श्राप दिया था कि मैं अगले जन्म में शेर बनूंगा किंतु मुझे अपना पिछला जन्म भी स्मरण रहेगा।।।

लेकिन रघु ने शेर से पुनः प्रश्न किया- लेकिन मेरा प्रश्न तो वही का वही है आप हमारी सहायता क्यों कर रहे हैं???

शेर ने उत्तर दिया- अपने पूर्व जन्म के पापों का प्रायश्चित करने के लिए अगर मेरी वजह से तुम्हारी दरिद्रता समाप्त हो जाती है तो शायद मेरी पाप कुछ कम हो जाए।।।

अब शेर से संतोषजनक उत्तर प्राप्त कर लेने के बाद रमन व रघु दोनों ने ही शेर की बात मान ली।।।

लेकिन शेर ने जाते वक्त उन दोनों को चेतावनी दी की एक ही रात में तीन वरदान नहीं मांग सकते इसके लिए तुम्हें तीन रात तक वही प्रक्रिया दुहरानी होगी और तुम्हारे अलावा किसी और को इस बारे में पता नहीं चलना चाहिए इस बात का विशेष ध्यान रखना होगा नहीं तो तुम्हें तीन वरदान प्राप्त नहीं होंगे।।।

क्योंकि वह बोलने वाला जादुई शेर था इसलिए उन दोनों को उसकी बातों पर पूर्ण विश्वास हो गया था और फिर उन दोनों ने उसकी पूंछ से बाल उखाड़ लिए।।।

रघु ने तो शेर की पूंछ के तीन बाल ही उखाड़े लेकिन राघव ने लालच में आकर चार बाल उखाड़ लिए थे.....

उसके बाद शेर की पूंछ के बाल लेकर रमन और रघु अपने गांव वापस लौट गए और उन्होंने शेर की बताई हुई प्रक्रिया करके पहले वरदान में दोनों ने अपने अपने धन मांगा।।। और उन दोनों को धन की प्राप्ति हो गई।।।

दोनों ही बहुत ज्यादा खुश होने की शेर की बात सच निकली।।। इसके बाद अगली रात को दोबारा नदी पर जाकर उन दोनों ने दूसरा वरदान भी मांग लिया इस बार उन दोनों ने बहुत सारा सोना चांदी अपने लिए मांगा।।।

उनके द्वारा मांगा हुआ सोना चांदी भी उन्हें तुरंत ही प्राप्त हो गया उसे देखकर उन दोनों की ही आंखें चमक गए और सब कुछ लेकर वह दोनों अपने अपने घर वापस लौट आए।।।

आप तीसरे दिन रघु जब नदी पर जाने लगा तो उसने रमन को भी साथ चलने को कहा लेकिन रमन ने कहा वह 1 घंटे बाद जाएगा और रघु अकेले ही चला गया और तीसरे वरदान में उसने अपने माता-पिता की लंबी आयु मांग ली।।। और वापस अपने घर लौट आया।।।

रघु के वापस आने के बाद रमन नदी पर गया और उसने अपने पास बचे हुए दो बाल निकाले और उसने मन ही मन सोचा कि आज वह दो वरदान मांग लेगा उसके पास पहले दो वरदान उसे प्राप्त धन वाह सोना चांदी इतनी पर्याप्त मात्रा में था कि उसका समस्त जीवन सुखमय बीतता लेकिन इतना धन पाकर भी रमन संतुष्ट नहीं था उसने तीसरे वरदान में अपने लिए सबसे बड़ा महल मांगा जो कि उसे तुरंत ही नदी तट पर बना हुआ प्राप्त हो गया।।।

यह देखकर रमन बहुत ही प्रसन्न हो गया और उसने सोचा कि अब जब महल है तो भला मैं राजा क्यों नहीं बन सकता और उसने तुरंत ही चौथा बाल अपनी मुट्ठी में लिया और वरदान मांगा कि मैं इस गांव का राजा बन जाऊं।।। जैसे ही उसने यह वरदान मांगा उसका महल वहां से गायब हो गया और रमन एक शेर में परिवर्तित हो गया..... और वह शेर की तरह ही बोल सकता था जादुई शेर की तरह इंसान की आवाज में बात भी नहीं कर सकता था।।।

खुद को शेर के रूप में परिवर्तित हुआ देख रमन को बहुत दुख हुआ लेकिन यह उसकी गलती थी उसे उसके लालच का परिणाम भी मिल चुका था।।।।



                            सिमरन