आज के समय में बेटियों के लिए जो सबसे अहम है, जरूरी उसी के लिए यह कविता लिखी है और यही मेरा संदेश है।
बना दो इनको मर्दानी,
गुड़िया परी थोड़ा इंतजार कर लेगी
सिखा दो इनको टांग कैसे तोड़ते हैं
गोल रोटी थोड़ा इंतजार कर लेगी
सिखा दो इनको दरिंदों को कैसे धोते हैं
बर्तन, कपड़े थोड़ा इंतजार कर लेंगे
सिखा दो इनको हाथ कैसे मरोड़ते हैं
हाथों की चूड़ी थोड़ा इंतजार कर लेगी
सिखा तो इनको खुद को कैसे बचाते हैं
सजना सवारना थोड़ा इंतजार कर लेगी
सिखा दो इनको दबंग कैसे बनते हैं
सादगी थोड़ा इंतजार कर लेगी
सिखा दो इनको हैवानों को कैसे नोचतें हैं
नाखूनी थोड़ा इन्तजार कर लेगी
सिखा दो इनको स्पोर्ट्स जूते का इस्तेमाल कैसे करना है,
हाई हील्स थोड़ा इंतजार कर लेगी
सिखा दो इनको रास्ते से काँटे कैसे खत्म करना है
फूल थोड़ा इंतजार कर लेंगे।
सिखा दो इनको बोलना
शांति थोड़ा इंतजार कर लेगी
सिखा दो इनको कर्राटे
डांस क्लास थोड़ा इंतजार कर लेगी
सिखा दो इनको खुद की जिंदगी सवारना
दूसरों की जिंदगी थोड़ा इंतजार कर लेगी
सिखा दो इनको आत्मनिर्भर कैसे बनते हैं
कन्यादान थोड़ा इंतजार कर लेगा।
सिखा दो इनको अच्छे संस्कार
जिससे कर सकें दूर अपना अंधकार।
धन्यवाद 😊
अंतिमा बंसल

0 टिप्पणियाँ