बाहर ही बाहर देखते हो अंदर तो देखिए ,
दिल में है जो वह गम का समंदर तो देखिए।
मुस्कुराहटों से शायद दिल की हकीकत ना हो बयां
आपके करीब एक बार दिल की सुन कर तो देखिए ।
यह खामोशियां तो है दिखावे के वास्ते,
दिल में है किस कदर बवंडर तो देखिए।
क्या मांगते हो पल दो पल की मोहब्बत हमसे,
हम उम्र कर देंगे तुम्हारे नाम कह कर तो देखिए
तुमने तो लापरवाह सी कर ली है मोहब्बत हमसे,
उतारा है तुम्हें रूह के पैकर में तो देखिए ।
जब से जुदा हुए हो वीरान है दिल का गुलशन,
यह रू राग है दिल का दिखावा हकीकत का मंजर तो देखिए।
ख्वाब सब के पूरे नहीं होते यह मानते हैं हम,
पर कितना रुलाते हैं यह टूटे एहसासों के खंडहर तो देखिए।
जो दर्द जुदाई हमें बख्शी है आपने कितना है,
उसमें दर्द किसी को चाह कर फिर भुला कर तो देखिए।
कुछ ना पा सकोगे पत्थर के जज्बे रखकर ,
आएगा गजब सुकून पिघल कर तो देखिए।
समझते नहीं कुछ यह इल्जाम तो दे देते हो,
समझेंगे सारी बात प्यार से समझा कर तो देखिए।
हमसे कहते हो भूल जाओ समझकर एक ख्वाब,
कितना मुश्किल है ख्वाब बसाकर भुला कर तो देखिए ।
हर हाल में खुश रहो कहना बड़ा आसान,
लेकर लबों पर आहा मुस्कुरा कर कर तो देखिए।
ढल जाएगा यह नादान दिल तुम्हारे पहलू में,
एक बार उसकी उठती हुई हुमक को बहला कर तो देखिए
यूं ही वह बेवफा है क्यों कह रहे हो तुम,
एक बार करके वफा उस बेवफा को आजमा कर तो देखिए ।
दिल के समंदर में मौजों की रवानी ना भर दे तो कहना,
एक बार उसे इस दिल के दरिया का देवता बना कर तो देखिए ।
पूरे समंदर की चाहत नहीं बस एक कतरे की प्यास है,
दिल को नजर का एक जाम पिला कर तो देखिए।
अंजू दीक्षित
बदायूँ
उत्तर प्रदेश।

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