थी एक तस्वीर भुलानी ,
मगर यादें जिंदगानी है ।
जिंदगी से हाथ मिलाया,
तो लगा सांस बांकी है ।
रास्ता रोक रही पुरानी यादें ,
कुछ दीवार गिरानी है।
बांकी है मिलना ज़िंदगी से,
भले ही नामुमकिन है।
गम के पत्थर को टूटना है,
मेरे अश्कों में रवानी है ।
आंखों में नींद गुम है,
फिर भी सपने अभी संजोने है ।
वक्त है खुलकर मुस्कुराने की,
दर्द भरी यादें कुछ उड़ानी है ।
मुश्किल है रास्ता बहुत जानते हैं,
पर मन मैं हौसला अभी बाकी है।


3 टिप्पणियाँ
शानदार लेखन...।💐💐🎂🎂👌👌😊😊🌹🌹🌹🌺🌺🌺🌹🌹