चेहरों से ज्यादा शब्द
दिल पर छाप छोङते हैं
वाणी मीठी हो तो
दिलों में
चेहरे भी चमक जाते हैं
क्यूँकि कटु बोल
तो दिल को छलनी कर जाते हैं
अच्छी वाणी ही तो
रिश्तों की उम्र बढ़ाती है
अनजानों को भी अपना
कर देती है
इंसान की मज़बूत शख़्सियत
बनाती है
और घर को स्वर्ग बना देती है
अच्छे बोल ही
लोगों के दिलों
पर राज़ करते हैं
कड़वाहट भरे शब्द
तो व्यक्ति
को पतन की ओर ले जाते हैं
अच्छा और मीठा बोलना
भी तो एक कला है
जिससे होता सबका भला है
प्रेम और आदर
इसकी सखियाँ है
ये जहाँ भी होता है
वहाँ होता मज़बूत रिश्तों का मेला है
वहाँ होता ख़ुशियों का मेला है।।
-आरती वत्स

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