चल खामोशिया बया करे
कुछ तेरी कुछ मेरी बात कहे
थम चली जो किस्मते
चल उन्ही राहो पर चले
बहकती लहरोँकी तरह
बेवजह ही बहते रहे
मिली अगर डगर सुनी
साथ उसको भी लेले
चल जरा इस जिंदगीसे
जरसा बेवफा हो चले
बैगैरत हो रही है साँसे
एहसास को लागाले गले
बेफिकरी भर ले निगाह मै
युही जरा बेपनाह भी जी ले
चल फिरसे अंजान बन जाये
गैर की तरह गैरत ठुकरा दे
चल आज खोमोशिया बया करे
कुछ तेरी कुछ मेरी बात कहे
सारिका ऐवले

0 टिप्पणियाँ