कृषकाय अस्थिपिंजर बने......।
अकाल से
पीड़ित ,क्षुधित किशोर को देखकर ........।
काजू चबाते हुए सूखा राहत मंत्री जी ने ....।अपने पी.ए.से कहा.....।
"कितना नेचुरल सीन है"
तुम्हारा कैमरा भी रंगीन है ...........
इसकी एक सेंन्सटिव तस्वीर खींच लो..........।
और मंत्रिमंडल की अगली बैठक में पेश करो.........।
हमें अकाल समस्या पर गहन अध्ययन करना है.......।
फिर इस तस्वीर को वर्ल्ड बैंक चेयरमैन को दिखाना है .........।
अकाल पीड़ित जनता के लिए तगड़ा अनुदान सैंक्शन करवाना है.........।
स्वर्गीय प्रेम शंकर पाण्डेय
गोरखपुर

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