बदला लेते है वह लोग,
 जो दिल के सच्चे नही होते, 
वक़्त पर जो किसी के काम नही आते,
 मौका परस्त होते ह जो काम निकल जाने के बाद धोका देकर निकल जाते है
 गलती करने बाले को माफी न देकर उससे बदला लेते है, 
ये बदले की आग ही बुरी है जो सब छीन लेती है
 है जड़ बुराई की इसे 
 सब जानते ही है
 बुरा न करो न किसी से बदला लो 
 जिओ और जीने दो
 खुश रहो और खुश रखो,यही है जीवन की सच्चाई
 जो भर देती है मानव को सुखों से भरपूर
 आनंद से लवालब ,
 ये है  प्यारी सी जिंदगी का फलसफा मुस्कुराइए सदा।




                          डॉ. सुरभि जैन "श्रुति"  
                             सतना म.प्र.