जिंदगी एक मिथ्या है,
सब जीने का बहाना है,
कोई नहीं है यहां अपना---
सब झूठा फसाना है,
एक सफर की तरह जी रहे हैं आप और हम---
कयामत तक इसको निभाना है,
आजकल के इस दौर में---
कौन सही है कौन गलत---
इस बात से हर कोई अनजाना है,
काश कोई आईना ऐसा बन जाए---
अंतर मन के भावों को दर्शाए,
चाहत है सभी की एक हसीन चेहरा हो,
काश दिल को भी हसीन बनाए,
काश कोई आईना मन के भावों को जताये---
काश अपने दिल को भी आईने जैसा साफ बनाएं,
कहते हैं चेहरा दिल का आईना होता है
हर हसीन चेहरे के पीछे, एक ख्वाब होता है,
मन में छुपे विकारों को दूर भगाएं,
काश कोई आईना ऐसा बन जाये
अंतर्मन के भावों को दर्शाएं
संगीता वर्मा ✍✍

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