हाँ मैं हिन्दी हूँ!
आज रो रो कर,
कह रही तुमसे,
आज आई तुम्हें,
मेरी याद, क्योंकि?
आज विश्व हिन्दी,
दिवस है!
क्योंकि, यह बात,
सिर्फ एक दिन की,
बस है?
कल से फिर होगा,
मेरा अपमान!
बढ़ जायेगा अंग्रेजी,
का मान!
याद करो, अंग्रेजों ने,
तुम्हें गुलाम बनाया था!
मुझ(हिन्दी) से ही तो,
देश में " क्रांति "आया था!
हर पल करते हो मेरा तिरस्कार,
बस एक दिन के लिए ना करो,
मुझसे प्यार!
अंग्रेजी में बात करो तो,
तुम काबिल माने जाते हो!
हिन्दी में गर बोल भी दो तो,
अनपढ़ कहलाते हो!
"राष्ट्रगान"हिन्दी में गाते,
हिन्दी में "माँ" कहकर बुलाते!
"जय हिंद "का नारा लगाते,
पर, "बच्चों" को अंग्रेजी,
मीडियम में पढ़ाते!
करते हो गर मुझसे प्यार,
बंद करो यह अत्याचार!
मान लो अब मेरी बात,
हो जाओ सब एक साथ!
चलाओ सब मिलकर,
एक अभियान!
जिससे बढ़ जाये "हिन्दी",
का सम्मान!
जिससे बढ़ें हिंदुस्तान!
जिससे बढ़ें हिंदुस्तान!
जय हिंद, जय हिन्दी!
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श्वेता कर्ण!
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